पाओलो डी पाओला: "शर्म के लिए कोई सीमा नहीं है। मालागो को इस्तीफा देना
पाओलो डी पाओला ने मालागो के नेतृत्व में इटालियन फुटबॉल संघ की स्थिति पर कड़ी आलोचना की है, विशेषकर हाल की नियुक्तियों को लेकर। उन्होंने कहा कि स्थिति शर्मनाक है और मालागो को इस्तीफा देना चाहिए।
पाओलो डी पाओला: "शर्म के लिए कोई सीमा नहीं है। मालागो को इस्तीफा देना
Tuttomercatoweb के अनुसार।
पृष्ठभूमि
रॉबर्टो मांकिनी की नियुक्ति इटालियन फुटबॉल संघ के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन पाओलो डी पाओला की आलोचना यह दर्शाती है कि उनके चयन को लेकर विवाद है। मांकिनी को एक सफल कोच माना जाता है, लेकिन उनकी नियुक्ति के पीछे की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अगर मांकिनी और रानियरी की नियुक्तियों को लेकर असंतोष बढ़ता है, तो यह इटालियन फुटबॉल के विकास में बाधा डाल सकता है।
यह क्यों मायने रखता है
पाओलो डी पाओला ने इटालियन फुटबॉल संघ के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं, खासकर रॉबर्टो मांकिनी और क्लॉडियो रानियरी की हालिया नियुक्तियों के संदर्भ में। उनका कहना है कि यह स्थिति इटली के फुटबॉल के लिए शर्मनाक है और सुधार की आवश्यकता है। इस तरह की आलोचना इटालियन फुटबॉल के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि यह नेतृत्व में बदलाव की मांग कर रही है।
मुख्य बातें
- पाओलो डी पाओला: "शर्म के लिए कोई सीमा नहीं है। मालागो को इस्तीफा देना.
- पाओलो डी पाओला ने मालागो के नेतृत्व में इटालियन फुटबॉल संघ की स्थिति पर कड़ी आलोचना की है, विशेषकर हाल की नियुक्तियों को लेकर। उन्होंने कहा कि स्थिति शर्मनाक है और मालागो को इस्तीफा देना चाहिए।.
- Italia, De Paola: "Non c'è limite alla vergogna. Malagò doveva dimettersi".
इटालियन फुटबॉल संघ में हाल की घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए, पाओलो डी पाओला ने कहा कि वर्तमान स्थिति "काफ़्काईन" है। उन्होंने मालागो के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान शर्म और अव्यवस्था की कोई सीमा नहीं रही। डी पाओला ने खासकर नए मुख्य कोच रॉबर्टो मांकिनी और नए तकनीकी निदेशक क्लॉडियो रानियरी की नियुक्तियों पर अपनी निराशा व्यक्त की।
उन्होंने कहा, "मालागो ने हमेशा से वही किया जो वह पहले दिन से करना चाहते थे। उन्होंने मांकिनी को नियुक्त किया और रानियरी को लाने की कोशिश की। यह सब एक रंग-बिरंगे पैच की तरह है जो उन्होंने बनाना चाहा। लेकिन असली समस्या यह है कि इस दौरान किसी को भी सही तरीके से नहीं चुना गया है।"
डी पाओला ने यह भी कहा कि इटली के फुटबॉल की वर्तमान स्थिति शर्मनाक है और अगर मालागो अपनी अक्षमता को मानते हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर वह खुद को अयोग्य मानते हैं, तो उन्हें छोड़ देना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि इटालियन फुटबॉल में जो भी निर्णय लिए जा रहे हैं, वे केवल व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, "फुटबॉल के इस वर्तमान शासन में, हर कोई एक-दूसरे के साथ स्थापित संबंधों के आधार पर काम कर रहा है।"
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डी पाओला ने यह भी बताया कि इटालियन फुटबॉल के नेतृत्व में जो लोग हैं, उनकी उम्र औसतन 67 वर्ष है। उन्होंने कहा, "अगर यह युवा नेतृत्व है, तो मुझे नहीं पता कि नई सोच कहां है।"
उन्होंने कहा कि इटालियन फुटबॉल को रिफॉर्म की सख्त जरूरत है, विशेष रूप से युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फुटबॉल के सभी स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है।
क्लब जुवेंटस के संदर्भ में, डी पाओला ने कहा कि प्रशंसक निराश हैं और क्लब को अच्छे खिलाड़ियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "क्लब को अब कोलो मुआनी जैसे खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें और भी मजबूत नामों की जरूरत है।"
इस प्रकार, डी पाओला ने इटालियन फुटबॉल संघ की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और सुधार की जरूरत को स्पष्ट किया है।

आगे क्या होगा
डी पाओला की टिप्पणियों के बाद, यह देखना होगा कि मालागो इस आलोचना का कैसे जवाब देते हैं और क्या वे इस्तीफा देने पर विचार करेंगे। इटालियन फुटबॉल में सुधार की आवश्यकता को देखते हुए, नए नेतृत्व की नियुक्ति पर चर्चा और भी तेज हो सकती है। अगर सुधार नहीं होता है, तो इटालियन फुटबॉल क्लबों और खिलाड़ियों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
Frequently Asked Questions
पाओलो डी पाओला ने मालागो के बारे में क्या कहा?
पाओलो डी पाओला ने कहा कि मालागो के नेतृत्व में शर्म और अव्यवस्था की कोई सीमा नहीं रही और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
रोबर्टो मांकिनी और क्लॉडियो रानियरी की नियुक्तियों पर डी पाओला की क्या राय है?
डी पाओला ने मांकिनी और रानियरी की नियुक्तियों पर निराशा व्यक्त की और कहा कि सही तरीके से किसी को नहीं चुना गया है।
डी पाओला ने इटालियन फुटबॉल की वर्तमान स्थिति के बारे में क्या कहा?
उन्होंने इटालियन फुटबॉल की वर्तमान स्थिति को शर्मनाक बताया और कहा कि इसे रिफॉर्म की सख्त जरूरत है।
डी पाओला ने इटालियन फुटबॉल के नेतृत्व की उम्र के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि इटालियन फुटबॉल के नेतृत्व में लोगों की औसत उम्र 67 वर्ष है, और यह युवा नेतृत्व नहीं है।
डी पाओला ने जुवेंटस के प्रशंसकों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जुवेंटस के प्रशंसक निराश हैं और क्लब को अच्छे खिलाड़ियों की आवश्यकता है।
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